पोड्कास्ट प्रयोग - हटाया जायेगा….
मन की बात कहने का माध्यम…




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(No Ratings Yet)अधिकांश हिन्दी के ब्लॉगों पर होस्ट हैं या तो blogger.com या wordpress.कॉम पर। इन पर होस्ट करने का एक फायदा तो है कि आपको Maintenance नही करनी पड़ती लेकिन आपके ब्लॉग पर आपका ज्यादा नियंत्रण भी नहीं रहता। आपको वही करना पड़ता है जो आपके पास उपलब्ध है। आप बैकप भी नहीं ले सकते कोई तकनीकी खराबी आयी तो फिर जय श्री राम।
मैं आप लोगों को प्रेरित करता हूँ कि आप अपना स्पेस लें और अपने डोमेन से अपना ब्लॉग चलायें ताकि हर समस्या से बचा जा सके और आप अपनी साईट अपने तरह से चला सकें। इसके लिए आपको वर्डप्रेस सीखना होगा जो कि सबसे जियादा प्रयोग होता है। आप अपना डोमेन बुक कराएँ http://www.bluehost.com पर, यहाँ आपको मिलेगा …
Unlimited Space
Unlimited Bandwidth
Unlimited Email address
Domain name free forever
MySQL Databases
PHP
and much more
यह सब मिलेगा केवल $१०० से कम मे, लगभग ४२०० रुपये साल के। इस अकाउंट मे आप मल्टीपल डोमेन होस्ट कर सकते हैं। और सब डोमेन भी बना सकते हैं, जैसे आपका डोमेन अगर है, http://www.hindirocks.com तो आप बना सकते हैं http://pradeep।hindirocks.com और यहाँ पर वर्डप्रेस का वन क्लिक इन्स्ताल्लेशन होता है।
अपना डोमेन और स्पेस बुक करने से पहले वर्डप्रेस पर हाथ साफ कर लें। मेरे तकनीक ब्लॉग http://www.aniquito.कॉम पर वर्डप्रेस से सम्बंधित सारी जानकारी है। अपने कंप्यूटर पर पहले वर्डप्रेस इंस्टाल करें इसकी जानकारी यहाँ से ले
How to install wordpress on local machine?
मेरे तीनो ब्लॉग
http://www.aniquito.com
http://www.rekhaa.net
http://blog.cgsutra.com
वर्डप्रेस पर ही हैं। वर्डप्रेस का बैकप लेने का तरीका यहाँ से देखें ।
How to take backup of wordpress database on demand?
अगर आप ४२०० रुपये साल के kharch कर सकते हैं तो आपका अपना डोमेन होना ही चाहिए। मेरी कोई सहायता की जरुरत हो तो निसकोच पूछे।
हिन्दी लिखते लिखते हाथ दुख गये हैं। ३५ मिनट से लिख रहा हूं इतना जरा सा।
राम राम
भोर होते ही काम में जुटती, परिश्रम करती मां
दही बिलोती, माखन निकालती, घडा संजोती मां
श्याम के मुख पर लिपटी, माखन जैसी लगती मां
शिशु मां के केश खींचता, फिर भी खुश हो लेती मां
उसकी की हंसी के लिये, खुद रो लेती मां
मक्के की रोटी के संग, सरसों के साग जैसी लगती मां
फूक मारकर लपटें बढाती, आंसू बहाती, खाना बनाती मां
सब को खिला कर फिर खुद खाती, कितनी त्यागी होती मां
मंडवे की सोंधी रोटी पर, पुदीने के नमक जैसी लगती मां
शिशु को बहलाती, फुसलाती कितनी अच्छी लगती मां
आंचल में छुपाती प्यार की वर्षा करती मां, शिशु मां के केश खीचता
कभी कभी मैं सोचता हूं,
कि कितने शिखरों को मैं छू पाया हूं?
प्रभु ने जो दिया था बल,
क्या मैं न्याय कर पाया हूं?
चारों तरफ़ जो मैं दृष्टि दौडाता हूं,
लेकिन खुद को अभी बौना ही पाता हूं….




(No Ratings Yet)मेरा प्यार
मेरी आखों की कोरों से
लुड्कता हुआ चीखता, चिल्लाता
अनवरत
उन्हें नहीं कोई खबर
बस एक साथी
मेरा तकिया
कभी साथ हंसता
कभी रोता
आंसुओं को सोखता
कब तक चलेगा यह सिलसिला
शायद जब तक
मृत्यु ना करे आलिंगन
तब मेरा तकिया
मेर साथी भी
मुझे छोड देगा
तुम तब भी
किसी के आलिंगन में होगी
मेरी तरुनिका
मैं अब भी एक सपना देखता हूं
सपनों में तुम्हारी काया बुनता हूं
कभी उन बेकरार आखों से
जिनमे मेरे लिये कभी प्यार था
कभी उन गर्म सांसों से
जो मुझसे कभी टकराती थीं
कभी उन क्षणों से
जो हमने साथ बिताये
कभी अपनी उखड्ती सासों से
जब हम एक हो जाते थे
कभी उस तड्पन से
जो कभी तुम्हें तड्पाती थी
फिर मेरी नींद खुलती है
लगता है एक बार फिर
तुम मेरे पास आओगी
साकार
तुम अपनी बाहों में
मेरे वजूद को समेट लोगी
फिर न जन्म ना मृत्यु
न मिलन ना जुदाई
प्रियतम
सब शांत स्थिर
सब निश्चल
सब मौन
और केवल थरथराटे होंठ
एक दिन तुम आओगी
और खो जाओगी
मेरी आत्मा में
अनंत काल तक
मेरी तरुनिका




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